Sunday, October 26, 2008

वर्चुअल पति की हत्या में महिला को जेल


विकसित देशों के लोगों की जिंदगी में टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर की दखल बढ़ती जा रही है। साथ ही इसके दुष्प्रभाव भी सामने आने लगे हैं। जापान की एक 43 वर्षीय महिला को वर्चुअल गेम में तलाक मिलने पर इतना गुस्सा आया कि उसने अपने आनलाइन पति [डिजिटल गेम का कैरेक्टर] की हत्या कर दी।

अब आनलाइन पति की शिकायत पर महिला को जेल हो गई है। हालांकि असल जिंदगी में उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। महिला को पांच साल की जेल या पांच हजार डालर जुर्माने की सजा हो सकती है।

दरअसल जापानियों में मेपल स्टोरी, सेकंड लाइफ जैसे वर्चुअल गेम्स का जबरदस्त क्रेज हैं। इसमें खिलाड़ी खुद के प्रतिनिधि के रूप में एक काल्पनिक चरित्र क्रिएट करता है। खिलाड़ी का यह डिजिटल अवतार साथी खिलाड़ी से रिश्ते बनाता है और डिजिटल दुश्मनों व अन्य बाधाओं से लड़ता है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला ने अपने आनलाइन पति का पासवर्ड चुरा लिया और उसके इलेक्ट्रानिक डाटा में भी फेरबदल की। महिला को अपनी आफिस की एक साथी से आनलाइन पति के लाग इन की जानकारी मिली थी।

वहीं अपनी सफाई में महिला का कहना है कि गेम के दौरान बिना चेतावनी के तलाक मिलने पर मुझे गुस्सा आ गया। महिला को उसके आनलाइन पति द्वारा अपने डिजिटल अवतार की हत्या की शिकायत दर्ज कराने के बाद गिरफ्तार किया गया है।

इस साल अगस्त में एक महिला ने अपने ब्वाय फ्रेंड का ही अपहरण कर लिया था। उससे वह सेकंड लाइफ गेम के दौरान मिली थी।

Saturday, October 25, 2008

कंडोम पर कोहराम व चुंबन पर चुप्पी क्यों!


इंदौर के एक डाक्टर ने कंडोम को एड्स से बचाव के लिए कथित तौर पर ब्रह्मास्त्र की तरह बताने वाले सरकारी प्रचार अभियानों का कड़ा विरोध करते हुए फौरन इन पर रोक लगाने की मांग की है।

डाक्टर का आरोप है कि एचआईवी संक्रमण की दूसरी वजहों पर जागरूकता फैलाने की ओर भारत सरकार का ध्यान अपेक्षाकृत कम है जिनमें कुछ अनुसंधानों के मुताबिक इसकी वजहों में लंबा चुंबन भी शामिल है। इंदौर के डा. मनोहर भंडारी ने बताया कि वह अपने वकील के जरिए इस सिलसिले में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन नाको को कानूनी नोटिस भी भेज चुके हैं।

26 सितंबर को भेजे गए नोटिस में जोर देकर दावा किया गया है कि लंबे चुंबन से भी एड्स फैल सकता है। शहर के एक चिकित्सा महाविद्यालय में नौकरी करने वाले डा. भंडारी ने आरोप लगाया कि सरकार और उससे जुड़ी विभिन्न एजेंसियां उक्त वैज्ञानिक तथ्य को छिपाने की कोशिश कर रही है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

नोटिस में कहा गया है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, डाक्टरों और नर्र्सो के लिए सरकारी एजेंसियों की ओर से एड्स पर प्रकाशित प्रशिक्षण मॉड्यूल में चुंबन और एड्स के संबंधों पर अलग-अलग बातें सामने आती हैं।

डा. भंडारी ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाशित प्रशिक्षण माड्यूल में उल्लेख किया गया है कि चुंबन या आलिंगन से एड्स नहीं फैलता। डा. भंडारी ने नर्सो के लिए जारी प्रशिक्षण माड्यूल में चुंबन के संदर्भ को बेहद उलझा हुआ बताया।

उन्होंने उक्त माड्यूल के हवाले से कहा कि साधारण चूमने से भी एड्स संक्रमण नहीं होता ज्यादातर वैज्ञानिकों का मानना है कि अधिक समय तक लिए गए चुंबन से एचआईवी संक्रमण संभव है क्योंकि इसमें रक्त ज्यादा देर तक परस्पर संपर्क में रहता है। साधारणत: इसकी आशंका कम ही रहती है।

नोटिस के मुताबिक डाक्टरों के लिए प्रकाशित प्रशिक्षण माड्यूल में सूखे चुम्बन जैसे आकस्मिक संपर्क को एड्स के मामले में सुरक्षित बताया गया है।

बहरहाल डा। भंडारी की मानें तो इस विषय पर किए गए कुछ अनुसंधान कहते हैं कि मसूडे़ क्षतिग्रस्त हो अथवा मुंह में कोई घाव या छाला हो तो एड्स संक्रमित शख्स को लंबे समय तक चूमने से यह बीमारी साथी में भी घर कर सकती है। एड्स से बचाव के लिए सरकार द्वारा केवल कंडोम का प्रचार आम जनता को गुमराह कर रहा है।

डा। भंडारी के वकील सुरेश नारायण सक्सेना ने नोटिस में सरकार को चेतावनी भरे लफ्जों में कहा है कि वह एचआईवी संक्रमण की दूसरी वजहों पर भी आम जन के लिए जोरदार जागरूकता अभियान चलाए। वरना उनके मुवक्किल विधि के मुताबिक अगला कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

इस बीच एड्स के साथ जी रहे लोगों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन ने कहा कि यह दावा सरासर गलत है कि कंडोम को सरकार हौवा बनाकर पेश कर रही है। मध्यप्रदेश नेटवर्क आफ पीपुल लिविंग विद एचआईवी पाजीटिव के मनोज वर्मा ने कहा कि देश में एड्स संक्रमण के ज्यादातर मामले असुरक्षित यौन संबंधों के चलते सामने आते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कंडोम न केवल एड्स के खतरे से बचाता है बल्कि कई गुप्त रोगों और अवांछित गर्भ से भी रक्षा करता है। लिहाजा कंडोम का जोरदार प्रचार प्रसार किया जा रहा है तो इसमें आखिर क्या बुराई है।

Friday, October 24, 2008

शादी में 'बेस्ट मैन' बना कुत्ता


एक ब्रिटिश जोड़े ने हाल ही में जब शादी रचाई तो उनके 'बेस्ट मैन' की भूमिका पालतू कुत्ते 'एड' ने निभाई। ईसाई धर्म में आमतौर पर शादी में बेस्ट मैन की भूमिका वर या वधू के भाई-बहिन या जिगरी दोस्त निभाते हैं।

माना जाता है कि शादी में बेस्ट मैन बने युवक-युवतियों की भी जल्द शादी हो जाती है। लेकिन, हैरिएट और एंड्रयू एथे की इस शादी में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। इस शादी में एड के साथ हमबग और गाउलश नाम के पालतू कुत्ते भी शरीक हुए। ये तीनों शादी में बाकायदा शानदार लिबास पहनकर शरीक हुए। शादी में इनके शरीक होने के पीछे दिलचस्प वजह है।

दरअसल, इन कुत्तों की वजह से ही हेरियट और एंड्रयू पहली दफा मिले थे। अगस्त 2007 में डोरसेट के मुडफोर्ड बीच पर अपने पालतू कुत्तों के साथ सैर करते वक्त ही एंड्रयू और हेरियट की नजरें लड़ी थीं। इसके बाद तो उनकी मुलाकातों का सिलसिला चल निकला।

इसके पांच माह बाद जनवरी 2008 में जब दोनों छुट्टियां बिताने दुबई गए तब एंड्रयू ने हेरियट को शादी के लिए प्रपोज कर दिया।

Thursday, October 23, 2008

पेरिस हिल्टन का जिराफ डांस


मशहूर अमेरिकी अभिनेत्री व माडल पेरिस हिल्टन हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं। हिल्टन अब अपने 'जिराफ डांस' को लेकर चर्चा में हैं।

एक वेबसाइट में प्रकाशित उनकी तस्वीरों के हवाले से कहा जा रहा है कि हिल्टन जिराफ सरीखा डांस करती हैं। वेबसाइट के मुताबिक क्लबों में डांस करते वक्त उनकी जो तस्वीरें खींची गई हैं, उनमें हिल्टन को खास अंदाज में देखा जा सकता है। इनमें वह किसी जिराफ की तरह नाचती नजर आती हैं।

डांस करते वक्त हिल्टन कुछ खास मुद्राएं बनाती हैं, जो जिराफ जैसी होती हैं। डांस करते वक्त हिल्टन कभी-कभी किसी जिराफ की तरह एकदम सतर्क खड़ी हो जाती हैं। उनका एक हाथ बिल्कुल जिराफ की लंबी गर्दन की तरह सिर से ऊपर चला जाता है।

Monday, October 20, 2008

प्यार एक बीमारी व सेक्स इसका इलाज


सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन है सच। प्यार एक बीमारी है। और इसका इलाज सेक्स है। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी की डाक्टर लेसेल डासन ने अपने शोध के बाद यह नतीजा निकाला है।


डासन के मुताबिक यह बीमारी अक्सर अमीर गरीब के बीच प्रेम संबंधों और उसकी विफलता के कारण होती है। दबा प्यार और उसे पाने की चाहत के चलते इंसान को गुस्सा, फ्रस्टेशन और यहां तक कि मानसिक रोग भी हो सकते हैं। अभी तक इसे संगीत, बेहतर खान-पान और मानसिक व्यायामों से ठीक करने की कोशिश की जाती थी। लेकिन डासन के मुताबिक लव सिकनेस से उबरने का एकमात्र उपाय सेक्स है।


उन्होंने इलाज के तौर पर मरीज को संगीत में ध्यान लगाने की सलाह भी दी। डासन ने कहा कि लव सिक से पीडि़त लोगों को व्यस्त रहना चाहिए और हो सके तो दोस्तों से दर्द बांट लेना चाहिए। लेकिन इस बीमारी से छुटकारा पाने का सबसे बेहतर तरीका सेक्स है। सेक्स से प्यार करने वालों के शरीर से नुकसानदायक तत्व बाहर निकल जाते हैं। यही नुकसानदायक तत्व बीमारी की वजह बनते हैं।

Sunday, October 19, 2008

बंदर को मिला बाडी गार्ड


चर्चित नेता या अभिनेता के साथ हमेशा लगे रहने वाले बाडी गार्ड तो आपने जरूर देखे होंगे। लेकिन, क्या आपने किसी जानवर के बाडी गार्ड के बारे में सुना है? चीन के एक चिडि़याघर में अनाथ बंदर के बच्चे की रक्षा के लिए अधिकारियों ने उसे एक कुत्ता बतौर बाडी गार्ड उपलब्ध कराया है।

चीन के जियाओजू शहर में स्थित चिडि़याघर के कर्मियों का कहना है कि इस छोटे अनाथ बंदर को अन्य बंदर बहुत परेशान करते थे। कई बार तो उन्हें बंदर की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। 'चाइना न्यूज नेटवर्क' में चिडि़याघर के प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है, 'हमने बंदर के पिंजरे में एक कुत्ते को इस उम्मीद के साथ रखा कि वह इस अनाथ की रक्षा करेगा।

सेई हू नाम का यह कुत्ता अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है। जैसे ही कोई बंदर को तंग करता है, वह उसे डराकर भगा देता है। बंदर भी काफी चालाक है, खतरे की भनक लगते ही वह झट से कुत्ते की पीठ पर चढ़ जाता है।' जब से यह कुत्ता बंदर का बाडी गार्ड बना है अन्य बंदर हताश हैं। कई बार उन्होंने बंदर को परेशान करने की कोशिश की लेकिन सेई हू की वजह से हर बार में नाकाम रहे।

Saturday, October 18, 2008

डांस में माहिर कामकाजी रोबोट


दक्षिण कोरियाई शोधकर्ताओं ने एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो नाच सकता है। यही नहीं, काम-काज ठीक से नहीं होने पर यह रोबोट भावुक भी हो जाता है।

माहरू नाम का यह रोबोट डांस करते वक्त वक्त बाकायदा अपनी भौहें व होंठ हिलाता है और आंखें भी नचाता है। नाचते समय यह तरह-तरह के मुंह बनाकर अपने भाव भी व्यक्त करता है और उन भाव से मिलती-जुलती दो तरह की गंध भी छोड़ता है। माहरू चलते वक्त अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को स्वतंत्रतापूर्वक हिला सकता है।

इस रोबोट को कोरिया इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी के शोधकर्ताओं के एक दल ने विकसित किया है। इस दल के प्रमुख शोधकर्ता यू बम जेई का कहना है कि माहरू से घरेलू कामकाज में मानवीय रोबोट के व्यावसायिक इस्तेमाल के रास्ते खुलेंगे।

उन्होंने बताया कि डांस करने में माहिर माहरू उसमें लगे एडवांस मोशन कैप्चर सिस्टम के जरिए विभिन्न इंसानी हरकतें करने में सक्षम है। माहरू अपने हाथों के जरिए रास्ते में पड़ी चीजों को हटा सकता है। यू ने बताया कि उनकी टीम ने एक सेंसर युक्त 'माहरू-एम' रोबोट भी विकसित किया है जो विभिन्न चेहरों और वस्तुओं में भेद कर सकता है।