Wednesday, November 26, 2008

समुद्र तट पर सेक्स पड़ा महंगा


दुबई के एक समुद्र तट [बीच] पर सार्वजनिक रूप से यौनानंद उठाने के जुर्म में सजा प्राप्त ब्रिटिश युगल पर अदालत को आखिर रहम आ गया तथा जुर्माना लेकर उसे स्वदेश भेजने की अनुमति दे दी।

मीडिया रिपोर्टो के अनुसार ब्रिटिश मीडिया कंपनी में एक्जीक्यूटिव 37 वर्षीय मिशेल पाल्मर और 34 वर्षीय विन्स एकर्स अक्टूबर में दुबई घूमने आए थे। एक दिन शहर के एक चहल पहल वाले बीच पर शराब के नशे में वे बहक गए तथा वहीं पर रति क्रीड़ा में लीन हो गए।

इस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें अवैध यौन संबंध कायम करने, अश्लीलता फैलाने और शराब पीने के आरोप में एक हजार दिरहम का जुर्माना और तीन माह कैद की सजा सुनाई। इस दौरान जमानत पर बाहर रहे।

बाद में उन्होंने अपीलीय अदालत में गुहार लगाई। तब अपीलीय अदालत ने उन पर रहम दिखाते हुए जुर्माना अदा करके रिहा करने का आदेश दिया।इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बहुत सुर्खियां मिली थी। जुर्माना अदा करके इस प्रेमी युगल को स्वदेश भेज दिया जाएगा।

11 comments:

Suresh Chiplunkar said...

सस्ते में छूट गये, दुबई जैसी जगह पर…

अल्पना वर्मा said...

aaj ke hi samachar patr mein yah khabar thi----un sey baqayda stamp paper par shapath liwayee gayee hai ki ve dono apne desh jaa kar shaadi kar lengey.

mehek said...

baapre dubai mein itani himmat rahi dono ki,hame to dubai ke naam se dar lagta hai,suna hai waha ka kanoon kisi bhi chote gunah par faasi deta hai,achha hua jo dono chut gaye.amen.

COMMON MAN said...

kaash..........

COMMON MAN said...

kahin koi galat arth to nahi laga liya.

मोहन वशिष्‍ठ said...

आए थे हरी भजन को ओटन लगे कपास खैर अब किया है तो भुगतना भी पडेगा। कोमन मैन भाई आप ने काश तो ऐसे लिखा है कि मानों सोच रहे हो कि उसकी जगह आप होते तो फोटो पर मत जाइएगा करम देखना बुरा नहीं मानना

"अर्श" said...

kya kahun kuch samajh nahi aaraha hai ..........

betaab hindustaani said...

badiya hai

PD said...

sifr "kash" ke to hamne kai arth nikal liye.. aap kaun sa sunanaa chahte hain?? :D

नरेश सिह राठोङ झुन्झुनूँ राजस्थान said...

ये जनाब ब्रिटेन के थे यदि हिन्दुस्तानी होते या अन्य किसी देश के तो शर्तीया उन्हे फ़ासी दे दी जाती

ताऊ रामपुरिया said...

जान बची तो लाखो पाये ! बहुत सस्ते में छूटे ! अल्पनाजी ने जो बताया की इनसे शपथपत्र लिया गया की ये लौट कर शादी कर लेंगे और अगर नही की तो क्या इन पर अदालत की मानहानि का मुकदमा चलाया जायेगा ? :)