
कहावत मशहूर है कि जिंदगी की शुरूआत ही 40 साल के बाद होती है लेकिन ढेर सारी ब्रिटिश औरतों के लिए 40 के बाद की चकल्लस बस एक ख्वाब है और वे सेक्स से बेनियाज जिंदगी बिताती हैं। एक नवीनतम सर्वेक्षण ने यह चौंका देने वाले तथ्य पेश किए हैं कि ब्रिटेन में करीब 28 प्रतिशत औरतों ने 40 साल की इस सरहद तक पहुंचने से बहुत पहले ही सेक्स जीवन से रूख मोड़ लिया था।
स्कॉटलैंड की स्थिति और भी अलग थी। वहां 38 फीसदी 35 साल की उम्र पार करने के बाद सक्रिय यौन संबंधों से नाता तोड़ कर किताबों में मौज मस्ती खोजने की कोशिश में लग जाती हैं।
मामला बस इतना ही नहीं हैं। 'यूगोव' सर्वेक्षण की रिपोर्ट हमें बताती है कि जो औरतें सेक्स संबंधों के सागर में डुबकियां लगाना जारी रखती हैं, उन्हें भी दस तरह की दिक्कतों और अड़चनों से जूझना होता है। ज्यादातर मामलों में बाल बच्चे रंग में भंग डाल देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक एक बच्चे वाली केवल 12 फीसदी महिलाएं ही सेक्स का लुत्फ उठाने में कामयाब हो पाती हैं, और वह भी तब जब उन्हें इसका कोई मौका मिल पाता है।
सर्वेक्षण में यह रोचक तथ्य भी उभर कर आया कि बिना बाल-बच्चे वाली 41 फीसदी औरतें सेक्स संबंधों में हमेशा लुत्फ की बुलंदियों को छूती हैं। सर्वेक्षण का कहना है कि सेक्स के प्रति रुचि, लालसा में गिरावट के लिए रोजी-रोटी के लिए व्यस्तता जिम्मेदार है। औरतें आर्थिक जीवन बेहतर बनाने की अपनी कोशिश में सेक्स जीवन कुर्बान कर देती हैं। सर्वेक्षण में बताया गया है कि औरतें जितना कम काम करती हैं, रात में बिस्तर में उतना ही ज्यादा आनंद से सराबोर होती हैं।
डेली एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार पार्ट टाइम काम करने वाली दो तिहाई से ज्यादा औरतें बिस्तर पर यौन आनंद की बुलंदियों को छूती हैं, लेकिन जब मामला पूर्णकालिक काम करने वाली औरतों की आती है तो इस आंकड़े में जबरदस्त गिरावट आती है। महज 50 फीसदी औरतें ही सेक्स संबंधों में इस मुकाम तक पहुंच पाती हैं।
इस सर्वेक्षण में महिला मन के अनेक कोनों को टटोला गया। लिहाजा, सर्वेक्षण के निष्कर्षों ने यह भी रहस्योद्घाटन किया कि 26 फीसदी औरतें इस बात को ले कर परेशान रहती हैं कि रजोनिवृत्ति के बाद सेक्स की उनकी चाहत खत्म हो जाएगी।
सर्वेक्षण ने यह रोचक तथ्य भी उजागर किया कि 26 फीसदी औरतों को यह डर सालता रहता है कि उनके जीवन में आ रहे इस 'बदलाव' का खराब असर उनकी याददाश्त पर पड़ेगा।
मनोवैज्ञानिक एवं 'हैविंग इट ऑल' की लेखिका प्रोफेसर पावला निकल्सन ने महिला मन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारी जिंदगी में दबाव बढ़ गए हैं और यह अच्छा होगा अगर महिलाएं सेक्स की जगह बेहतर प्रस्तुति से ज्यादा लुत्फ हासिल करें।
पावला ने कहा कि सेक्स [संबंधों] में गिरावट एक हद तक इस वजह से हो सकती है कि महिलाएं अब ज्यादा शक्तिशाली पदों पर हैं। काम और बाल बच्चों के चलते समय कम हो गया है। बहरहाल, उन्होंने सलाह दी कि महिलाओं को इसका लुत्फ उठाने के लिए कुछ रास्ते निकालने चाहिए।
पावला ने कहा कि अगर कुछ वक्त बचता है तो जोड़ों को महीने में एक बार रूमानी शाम का लुत्फ उठाना चाहिए। अगर उनके बीच रिश्ते काम करते हैं तो यह ज्यादा अहम नहीं है कि उनके बीच सेक्स की कोई समस्या है। नजदीकी ज्यादा अहम है।