Friday, June 25, 2010

रेड वाइन से ठीक रहती है आंख


रेड वाइन अगर सीमित मात्रा में पी जाए तो इसके कई फायदे हैं। भारतीय मूल के शोधकर्ता ने फायदों की सूची में एक नई बात को जोड़ते हुए कहा है कि रेड वाइन के सेवन से आंख की रोशनी बरकरार रहती है।
डा. राजेन्द्र आप्टे के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय शोध दल ने यह पाया कि अंगूर और इसके जैसे अन्य फलों के रस जिससे कि रेड वाइन का निर्माण होता है, में वे तत्व मौजूद होते है जिससे आंखों की कोशिकाओं में पाए जाने वाले रक्त की नलिकाओं में बढती उम्र के कारण होने वाली क्षति को भरने की क्षमता होती है।
द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार इसमें रेसविरेट्राल नाम का यौगिक पाया जाता है जो बढ़ती उम्र में होने वाले कोशिकाओं के नुकसान को रोककर आंखों की रोशनी को बढ़ाता है।
यह यौगिक उम्र को घटाने में [एंटी ऐजिंग] और कैंसर से लड़ने के लिए उपयुक्त होता है और यह माना जाता है कि यह क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाएं और उत्परिवर्तित [म्यूटेशन नाम की क्रिया जो कोशिकाओं की संरचना को परिवर्तित कर देती है] कोशिकाओं को ठीक करने में मदद करता है।
उत्परिवर्तन और बढ़ती उम्र के कारण कैंसर, हृदय रोग और अंाखों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डा. आप्टे ने कहा कि यह अध्ययन एक व्यापक प्रभाव को पैदा करेगा जिससे हमें यह जानने में मदद मिलेगी कि रेसविरेट्राल हार्मोन कैसे काम करता है और यह किस प्रकार से आंखों के अंदर और बाहर की कोशिकाओं से जुड़कर उसे प्रभावित करता है।
रेसविरेट्राल एक प्रकार का प्राकृतिक यौगिक है जो कई पौधों में जीवाणु और कवक से होने वाले संक्रमण से बचने के लिए निकलता है। यह अंगूर में भारी मात्रा में पाया जाता है।
इससे पहले के शोध में इस बात को प्रमाणित किया जा चुका है कि रेसविरेट्राल हार्मोन एंटी एजिंग और कैंसर प्रतिरोधी क्षमता को विकसित करता है।
यह शोध 'द अमेरिकन जर्नल आफ पैथोलाजी' में प्रकाशित हुआ है।

1 comment:

Unknown said...

daru pine wle ke liye khush khabari pine walo ko pine ka bahana chahiye
arganikbhagyoday.blogspot.com