Tuesday, September 23, 2008

सिक्कों से बनी है शांति घंटी


अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में बजाई जाने वाली घंटी विभिन्न देशों के बच्चों द्वारा एकत्र किए गए सिक्कों से ढाली गई है और इस सुंदर घंटी को जापान ने तैयार किया है।

वैश्विक एकजुटता के प्रतीक के रूप में बनाई गई इस शांति घंटी पर संपूर्ण विश्व शांति अमर रहे अंकित हैं। इस घंटी में 60 देशों के सिक्कों का इस्तेमाल किया गया है। बच्चों ने यह सिक्के 1951 में पेरिस में हुए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भाग लेने वाले 60 देशों के प्रतिनिधियों से एकत्र किए थे।

जापान ने यह घंटी 1954 में संयुक्त राष्ट्र को भेंट की थी। 116 किलोग्राम के वजन वाली यह घंटी एक मीटर ऊंची है और इसका व्यास ०.6 मीटर है। यह घंटी जापानी शिंटो मंदिर की शैली पर बनाई गई है। संयुक्त राष्ट्र में यह घंटी साल में दो बार बजाई जाती है जिसमें शरद ऋतु के अवसर पर सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा सम्मेलन के शुरू होने के अवसर पर बजाया जाना शामिल है। बाद में 2002 से इसे अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर हर साल बजाया जाने लगा। जापान ने अपनी इस घंटी की याद में डाक टिकट की कई श्रृंखला जारी की हैं, क्योंकि यह उसके लिए गौरव का विषय है।

इस शांति घंटी को जिस लकड़ी के हथौड़े से बजाया जाता है उसे संयुक्त राष्ट्र को 1977 में भेंट किया गया था। इसी प्रकार घंटी के ऊपर लटकने वाली रस्सी 20 मार्च 1990 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर जापान के शिंटो पुजारी ने भेंट की थी। शांति घंटी के लिए 1994 का वर्ष महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में इसकी 20वीं वर्षगांठ पर विशेष समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में शिरकत करते हुए तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बुतरस बुतरस घाली ने कहा था.. यह जब भी बजाई जाती है, जापानी शांति घंटी का संदेश स्पष्ट होता है। यह संदेश समूची मानवता के लिए होता है। शांति मूल्यवान है। शांति के लिए बात करना पर्याप्त नहीं है। शांति के लिए काम करना पड़ता है.. लंबा काम कठिन काम।

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के अवसर पर 2002 में तत्कालीन संरा महासचिव कोफी अन्नान ने अपने कार्यकाल में अंतिम बार शांति घंटी को बजाया। अन्नान के बाद इस पद पर आए मौजूदा संरा महासचिव बान की मून ने पहली बार 2007 में इस शांति घंटी को बजाकर पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया था।

6 comments:

Udan Tashtari said...

बढ़िया जानकारी, आभार!

Mrs. Asha Joglekar said...

lagata hai Ghanti kee aawaj kisi ko bhi sunaee nahi detee.

परमजीत बाली said...

बढ़िया जानकारी, आभार!

makrand said...

thanks for upgrading by this news
regards

makrand said...

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love is life said...

thanks sir for this comments.